Sunday, April 18, 2010

मुस्कान.....

किसी फिल्म की लाइन है जीयो खुश रहो मुस्कुराओ ….अंग्रेजी भाषा मे भी एक कहावत है “it costs nothing to smile” क्या सचमुच मुस्कान की कोई कीमत नहीं होती ? क्या सचमुच ये अनमोल है ? ज़रा सोचिये यदि ऐसा होता तो ये सारी दुनिया और उनकी जिंदगी उनपर मुस्कुरा रही होतीइस मुस्कान के पीछे कोई तो राज़ है , जो ये सब के चेहरे एक ही समय पे नहीं होती ….मुस्कान किसी के चेहरे पे तब आती है जब उसका दिल खुश होऔर दिल को खुश करने की कीमत होती है ….बिना दिल को खुश किये चेहरे पे सच्ची मुस्कान नहीं आतीऔर यदि तुम सच्ची मुस्कान देखना चाहते हो तो दस दिन से भूखे आदमी को खाना देकर उसके चेहरे को देखोया फिर किसी रोते हुए बच्चे को कोई उसका मनपसंद खिलौना दो ….या फिर बेसहारा माँ बाप को सहारा दोतो शायद इनके चेहरों को देखकर तुम्हे मुस्कान की कीमत पता चल जाये …..

लेकिन फिर भी इस दुनिया मे बहुत सारे ऐसे लोग है जो किसी और कारणवश मायूस हैजिनकी मुस्कान शायद कहीं खो गयी हैउनके लिए मैंने एक कविता लिखी हैशायद वो प्रेरित हो कर मुस्कुरा पड़े ……

आज ना मिली मुस्कान तो क्या , कल अभी बाकी है मेरे दोस्त

माना की कल कभी नहीं है आता , आता नहीं तो ये कल क्यों होता

कुछ तो बात है इस कल मे, तभी तो इसका इंतज़ार है रहता

मिल जाये हमें कोई चीज़ बिना इंतज़ार के तो उसका उतना महत्व नहीं रहता

सब्र का फल होता है मीठा , पूछो उनसे जिन्होंने इसका स्वाद है चखा

माना की सब्र होता है मुश्किल ,पर बिना मुश्किलों के फल पका नहीं होता

बिना मुश्किलों के फल ऐसा होता जैसे बिना काटो की झाड़ियो से बेर टूटा होता

हर चीज़ का वक़्त होता है और ये वक़्त बड़ा कमबख्त होता है

ना चले तुम इसके साथ अगर , तो ये भी तुम्हे छोडके आगे बढ़ता है

हमेशा ही तुम गलत नहीं होते दोस्त , कभी कभी ये वक़्त भी गलत होता है

क्या बताये अब दोस्तों ये वक़्त ही बड़ा कमबख्त होता है

हिम्मत मत हार दोस्त बस चलता जा ,आयेंगे मौके तेरे जीवन में एक मोड़ की तरह

मिलेंगे तुझे विकल्प तिराहो और चौराहों की तरह ,

मिलेगी मुस्कान तुझे उन रास्तो पे वाहनों की तरह

अगर मिले सुखभरी मुस्कान तो उसे इस दुनिया मे फैलाना ,

और अगर मिले दुखभरी मुस्कान तो इसे अपनी इर्ष्या से जलाना

दुःख आता है तो आने दे दोस्त , तू बस सबको हसाता जा

मानले हँसाना काम है तेरा ,एक दिन तो ऐसा आएगा की तुझे भी कोई हसाएगा

उस दिन के इंतजार मे अपने जीवन की नाव चलाये जा ………

और अब भी आपकी मुस्कान न लौटी ..तो होठ घुमा, सीटी बजा और बोल भैया

"ALL IZZ WELL"............

16 comments:

  1. kuch macha ke likha hai dost.....sahi hai...

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  2. bhokal hai :)
    aur yeh kavita kab se likhne laga hai tu

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  3. awesum ^ awesum ............jeetu bhai mein kuch calli hai yaar ......... keep the tempo jeetu and blog readers plz keep bucking him up so tht he continues to vent his feelings thru his blogs

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  4. SACH MAIN YAAR... KOI BHI SMILE KAR DE ISE PADH KE...!
    masto likha hai be.!

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  5. bahut sahi hai bhai .... i got somthing after reading this like nd more.... it really works... vry nice :)

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  6. I think there is some misunderstanding here....when i said its copied i meant"take a bow master"is copied,which the commentator said when Tendulkar made 200 in odi and notthe other way around....

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  7. Well written.......expressive to the hilt.

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  8. dude
    sahin mein

    you touched my heart strings
    . . .
    . . .
    . . .

    tune mujhe rula diya yaar

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  9. मानले हँसाना काम है तेरा ,एक दिन तो ऐसा आएगा की तुझे भी कोई हसाएगा (motivate karegaa)

    उस दिन के इंतजार मे अपने Blog,drams की नाव चलाये जा ……… :)
    keep pursuin ur passion u certainly have a future ahead in aesthetic and artistic things

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  10. jitu all the blog readers have an earnest request tht u plz express ur feelings in audio form too ....we all want to hear the inner feelings hidden in the form of your expressions embedded in ur voice .......

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  11. thanx to all my blog readers....keep showing ur faith in me and keep showering ur sincere comments .... :)

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  12. too goood!!!!!!!!!!!!!!!!
    chhoo lia dil ko!!!

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