Monday, April 12, 2010

आवश्यकता है अपने अंतर्मन की वैश्विकता को बाहर लाने की ...

क्रिकेट, एक ऐसा खेल जो आज भारत में तो सभी लोगो को अपना प्रशंसक बना चुका है

कुछ लोग क्रिकेट के प्रशंसक इसलिए है, क्योंकि वे इसे खेलना जानते है ….. कुछ लोग सोचते है की शायद वे इसे देखकर खेलना सीख जायेकुछ लोग इसके प्रशंसक है क्योंकि, वे इससे कुछ कमाना चाहते है ..यानि क्रिकेट पे सट्टा लगाते है .. कुछ लोग क्रिकेट के प्रशंसक है, क्योंकि वेसचिन’ के प्रशंसक हैक्रिकेट ने अब तक संसार औरभारत’ में अपने बहुत प्रशंसक बना लिए है ..भारत को अलग लिखा क्योंकि ये "out of this world" है, ये एक अलग ही दुनिया है ….. अपने आप ही चली रही दुनिया है ये ….आज भारत ने खुद अपना एक नया खेल शुरू किया है …"Indian Premier League " ये क्रिकेट के एक नए युग की शुरुआत हैये एक ऐसा क्रिकेट है जिसमे क्रिकेट के सभी प्रशंसक की बातों ध्यान में रखा गया हैइस क्रिकेट मे लोग सट्टा लगाते हैलोग अपने पसंदीदा खिलाडी की टीम को समर्थन देते हैं ….और जो लोग क्रिकेट अब तक प्रथम श्रेणी या राज्य स्तर पे अच्चा खेला करते थे आज वो इस मंच का सुप्योग कर रहे है ….

कभी कोई ज़माना था जब क्रिकेट 3 अंतर्राष्ट्रीय टीमों के बीच हुआ करता थावो भी टेस्ट मैच लेकिन वक़्त बदलता रहता है टीमें बढ़ी ,प्रशंसक बढे ,क्रिकेटर्स बढे ……लेकिन अब जरुरत है सारे संसार को एक धागे से बंधे हुए देखने की …..और वो धागा है "Indian Premier League "...जो अब अलग -अलग देशों के लोगो को एक ही टीम में लाया हैऔर बहुत सारे राज्यस्तरीय खिलाडियों को इस दुनिया के सामने लाया हैआज 3 टीमों के कप्तान विदेशी हैजिनको अपने प्रशंसक और भारत में प्रांतीय प्रशंसकों का पूरा समर्थन मिलता है .. कई क्रिकेट प्रशंसकों को अपने पसंदीदा खिलाडी जो हमेशा एक दुसरे के विरुद्ध खेला करते है, आज एक ही टीम में एक साथ खेलते हुए दिखाई देते हैजो एक अलग ही भावना मन में उत्पन्न कर देता हैजब "IPL "शुरुआत हुई थी तो लगा था की जाने किस टीम का समर्थन करें ..लेकिन अब ये असमंजस स्थति पैदा करने वाली बात नहीं रहीसभी लोग अपनी एक टीम का पूर्ण रूप से समर्थन करते हुए नज़र आते है

एक तरफ तो हम "IPL "से सारे संसार को एक धागे में बंधने की बातें करते है ..और वही दूसरी तरफ "IPL "में ही मुझे अपना देश भारत थोडा बँटा हुआ नज़र आता है ..पर जब "IPL "के बाद वापिस अंतर्राष्ट्रीय मैच शुरू होते है, तो वही लोग जो किसी किसी वजह से अपनी एक अलग टीम का समर्थन कर रहे थे, वे अब उसी भावना से भारतीय टीम का समर्थन करते हुए नज़र आते है …..ज़रा सोचिये... महज़ एक खेल क्रिकेट ... क्या है इस खेल में ऐसाजो दिलो को जोड़ता भी है और कभी इन्ही दिलो का विभाजन भी कर देता है ये पुरे संसार को भी जोड़ सकता है तो एक देश को भी अलग - अलग रूप मे दिखा सकता है, फिर चाहे इसका कारण सट्टा, पसंदीदा खिलाडी या अपना प्रान्त प्रेम ही क्यों हो ……

एक खेल. जिस के लिए अपने आप को अलग कर सकते हैंऔर उसी खेल के लिए हम आसानी से एक भी हो जाते हैक्योंकि अलग होना और एक होना बहुत मुश्किल बात नहीं हैऔर हम सब जानते है की इस वक़्त हमारी और इस संसार की जरुरत विभिन्न देशों की एकता है .तो क्यों न सीमाओं से रहित एक राष्ट्र का निर्माण करें औरवैश्विकता’ को बढायें …….

21 comments:

  1. hmm hmm.... thats sum cool funda...
    sahi hai... keep goin...

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  2. n yeeepiii... i m ur first follower... thnkuuuzzzzz....

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  3. chal be isi ko chat window bana dete hai kisi din...

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  4. bas ye captcha wala load hai...

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  5. kuch kalakar aur sahityakar lag raha hai pic main....

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  6. sabka comment sun ke mai bhi cool bol raha hoon ....keep goin

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  7. abey yeh kya essay likha hai bhai....aisa lag raha hai school ke kisi essay competition ke liye likha ahi

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  8. really bahut accha likha hai hindi me be ...............

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  9. waise kaha se teepa hai ye essay?????

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  10. hmm...well i'd definitely appreciate dat. Nice thoughts "jitu".

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  11. Dear jitendra.... I respect ur thinking. u r a great thinker in fact i wanna say that u can find out positive things frm every where that nice dear.
    today if some one wants to join the human beings than cricket or such game is the best way. u must remember India Pakistan relation was better once upon a time because of cricket now same cricket is destroying these relations.
    in short positive and negative are always together but we should see and follow only positive things
    nice article and keep writing buddy...

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  12. Abey... ye conclusion kaise nikaala? Arbit ending.. Nice thought newayz.. Well written

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  13. kaafi achha likha h...achhi koshish kahunga...bilkul ek sthapit lekhak ka lekh laga..nice work...i think u can do even better with this style if u take up some social issue to write....

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  14. this is really good.....and ur hindi is awesome dude.....
    padhkr laga ki aapki lekhan kshamta adbhut hai......
    ise aur nikharne ki koshish kijiye...

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  15. Thnku all guys and do keep showering ur luv on me ................

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  16. are tu likhta ja be... pyaar to hum barsaate rahenge... tension na le..

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