Friday, July 23, 2010

शुरू होता जब नया semester ...................मचा देंगे हम इस sem .........

शुरू होता है जब नया semester

मन में उठता एक ही विचार

इस sem में तो मचा देंगे

एक class भी ना bunk करेंगे

और पढेंगे रोज़ snacks के बाद

ये tempo हमारा खो जाता है

पहले दिन ही registration के बाद

जाते है सब मिलकर PARK या LS के द्वार

फिर आते है एक नए जोश में

की जायेंगे कल सारी class


एक बजे तक room में घुसते

lappy जहां कर रहा होता है इंतज़ार

फिर कुछ ही लम्हे भर में

खुल जाता DC ++ और facebook महान

तीन बजे तक चलती यही दास्ताँ

फिर होता निंदिया रानी का नयनो में प्रवेश

एक छोटा सा mobile alarm

कुम्भकरण जैसी नींद से उठाता

देख घडी मे time साढ़े सात

हमारा tempo फिर down हो जाता

अचानक prof की याद है आती

पर नींद कमबख्त याद भुलाती

सो जाते हम ये सोच कर

ये तो पहला ही दिन है हमारा

फिर दोबारा नींद खुले तो

lunch time हो जाता

मखा दिया आज तो मैंने

कल ना ऐसे मखाऊंगा

पर ये किस्सा एक दिन का न था

ये तो थी रोज़ की कहानी

बीते दिन तो mid sem आया

हजारो load को साथ लाया

की थोड़ी मगने की कोशिश

पर कुछ भी नहीं में चमका पाया

हुई हालत भीगी बिल्ली सी

तभी एक idea दिमाग मे आया

peace maro टापेंगे यार

हुआ exam ना टाप पाए यार

फिर भी confidence है रहता

end sem बचे है अभी तो यार

वक़्त गुजरता peace मारके

end sem आता थोडा मलाई मारके

इस बार मगा मारी थोड़ी fight

पर questions देख उड़ने लगी kite

मखा दिया इस बार भी

इस बार रहा है over load

मचा देंगे हम अगली बार ….