शुरू होता है जब नया semester
मन में उठता एक ही विचार
इस sem में तो मचा देंगे
एक class भी ना bunk करेंगे
और पढेंगे रोज़ snacks के बाद
ये tempo हमारा खो जाता है
पहले दिन ही registration के बाद
जाते है सब मिलकर PARK या LS के द्वार
फिर आते है एक नए जोश में
की जायेंगे कल सारी class
एक बजे तक room में घुसते
lappy जहां कर रहा होता है इंतज़ार
फिर कुछ ही लम्हे भर में
खुल जाता DC ++ और facebook महान
तीन बजे तक चलती यही दास्ताँ
फिर होता निंदिया रानी का नयनो में प्रवेश
एक छोटा सा mobile alarm
कुम्भकरण जैसी नींद से उठाता
देख घडी मे time साढ़े सात
हमारा tempo फिर down हो जाता
अचानक prof की याद है आती
पर नींद कमबख्त याद भुलाती
सो जाते हम ये सोच कर
ये तो पहला ही दिन है हमारा
फिर दोबारा नींद खुले तो
lunch time हो जाता
मखा दिया आज तो मैंने
कल ना ऐसे मखाऊंगा
पर ये किस्सा एक दिन का न था
ये तो थी रोज़ की कहानी
बीते दिन तो mid sem आया
हजारो load को साथ लाया
की थोड़ी मगने की कोशिश
पर कुछ भी नहीं में चमका पाया
हुई हालत भीगी बिल्ली सी
तभी एक idea दिमाग मे आया
peace maro टापेंगे यार
हुआ exam ना टाप पाए यार
फिर भी confidence है रहता
end sem बचे है अभी तो यार
वक़्त गुजरता peace मारके
end sem आता थोडा मलाई मारके
इस बार मगा मारी थोड़ी fight
पर questions देख उड़ने लगी kite
मखा दिया इस बार भी
इस बार रहा है over load
मचा देंगे हम अगली बार ….
Friday, July 23, 2010
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